भाजपा का कांग्रेस सरकार पर हमला, मानदेय बढ़ोतरी पर उठाए सवाल
BJP attacks Congress government
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बोर्ड-कॉरपोरेशन मानदेय 30 हजार से 80 हजार तक बढ़ाया गया।
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जनता के विरोध पर 20% वेतन कटौती का दिखावा किया गया।
शिमला। BJP attacks Congress government, हिमाचल प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार अपने नेताओं और समर्थकों को बोर्ड-कॉरपोरेशनों, आयोगों और सलाहकार पदों पर नियुक्त कर सीएम की फौज तैयार करने में लगी हुई है।
मानदेय 30 से 80 पहुंचा दिया
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सबसे पहले राजनीतिक नियुक्तियों वाले बोर्ड और कॉरपोरेशन के चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन के मानदेय में भारी बढ़ोतरी की। पहले इन पदों पर 30,000 प्रतिमाह मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर 80,000 प्रतिमाह कर दिया गया। इसके अलावा आवास, आतिथ्य और अन्य भत्तों को जोड़कर इन पदों पर बैठे लोगों का कुल मासिक पैकेज लगभग 1.11 लाख से 1.30 लाख तक पहुंच गया।
सवाल उठे तो वेतन में कटौती का दिखावा
प्रदेश में मार्च 2026 तक करीब 40 चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन विभिन्न बोर्डों और कॉरपोरेशनों में नियुक्त किए जा चुके हैं। अब जब जनता के बीच इस मुद्दे पर सवाल उठे तो सरकार ने दिखावे के लिए 20 प्रतिशत वेतन कटौती की घोषणा कर दी, ये केवल आंखों में धूल झोंकने वाला कदम है।
कई नेताओं को कैबिनेट रैंक दिए
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही अपने नेताओं और समर्थकों को खुश करने के लिए बड़ी संख्या में सलाहकार, ओएसडी, मीडिया सलाहकार, आईटी सलाहकार, राजनीतिक सलाहकार और विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष व सदस्य नियुक्त किए। इनमें कई पदों को कैबिनेट रैंक तक दिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रधान मीडिया सलाहकार, आईटी सलाहकार, राजनीतिक सलाहकार, ओएसडी, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष, विभिन्न आयोगों के चेयरमैन, बोर्ड-कॉरपोरेशनों के चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन जैसे अनेक पदों पर कांग्रेस नेताओं की नियुक्तियां की हैं। इसके अलावा विभिन्न संस्थानों और बोर्डों में भी कांग्रेस से जुड़े लोगों को नियुक्त किया गया।
इन संस्थानों में भी राजनीतिक नियुक्तियां
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में सहकारी बैंक, पर्यटन बोर्ड, उद्योग विकास निगम, सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक, जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक, राज्य अनुसूचित जाति आयोग, महिला आयोग, कौशल विकास निगम, शिक्षा बोर्ड, फूड कमीशन और अन्य कई संस्थानों में राजनीतिक नियुक्तियां की गई हैं।
सीपीएस भी कर दिए थे नियुक्त
कांग्रेस सरकार ने मुख्य संसदीय सचिव पदों पर भी नियुक्तियां कर दीं, जबकि इन पदों को लेकर पहले से ही संवैधानिक और कानूनी सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद सरकार ने छह विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव बनाकर उन्हें सुविधाएं और सरकारी संसाधन उपलब्ध करवाए।